BED VS BTC 2023: बीएड और बीटीसी मामले को लेकर राजस्थान के बीटीसी अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की एक और याचिका

BED VS BTC 2023: बीएड और बीटीसी मामले को लेकर राजस्थान के बीटीसी अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की एक और याचिका

BEd vs BTC 2023

बीएड और बीटीसी मामले का एक और विवाद सामने आ रहा है आपको बता दे बीएड और बीटीसी मामले को लेकर राजस्थान के याचिकाकर्ता की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दाखिल करने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है इस बार सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान बीटीसी के अभ्यर्थी इस बात को लेकर याचिका दाखिल कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश 11 अगस्त 2023 को जारी किया था उसमें सुप्रीम कोर्ट यह स्पष्ट करें कि जो निर्णय सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सुनाया गया है उसमें बीएड अभ्यर्थियों को जो 2018 के बाद प्राथमिक शिक्षक भर्ती में नियुक्ति पा चुके हैं ऐसे अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में बने रहेंगे या इन्हें भी बाहर किया जाएगा इसको लेकर राजस्थान के अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी शुरू कर चुके हैं

बिहार सरकार की तरफ से आयोजित प्राथमिक शिक्षक भर्ती में बीएड अभ्यर्थियों को लेकर बिहार सरकार ने 1 सप्ताह का समय मांगा है बिहार सरकार 1 सप्ताह के अंदर यह निर्णय लेगी कि बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती में मौका दिया जाए या नहीं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट लिखा गया है कि बिहार सरकार जो शिक्षक भर्ती करने जा रही है वह प्रक्रिया पूरी तरह से गलत है क्योंकि बिहार सरकार कि शिक्षक भर्ती को कुछ अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था लेकिन इसमें बिहार सरकार पार्टी नहीं बनने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी टिप्पणी करने से मना कर दिया लेकिन बिहार सरकार की प्राथमिक शिक्षक भर्ती गैर कानूनी तरीके से चलने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो बिहार सरकार शिक्षक भर्ती करने जा रही है वह शिक्षक भर्ती सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2023 का फैसला ध्यान में रखते हुए पूरी करेगी 

बीएड और बीटीसी को लेकर क्या है ताजा अपडेट ( BED vs BTC Latest Update Today )

B.ed और बीटीसी को लेकर एक बार फिर से एक नया विवाद सामने आ गया है आपको बता दें B.ed और बीटीसी मामले की बीच शिक्षामित्रों की भी एंट्री हो चुकी है शिक्षामित्रों के संगठन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है जिसमें उन्होंने 300 से ज्यादा पन्नों की अपनी याचिका में इस बात का जिक्र किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से आयोजित 69000 शिक्षक भर्ती में बीएड अभ्यर्थियों को शामिल करके इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी किया गया था जिसके बाद इस भर्ती प्रक्रिया से 30,000 से ज्यादा शिक्षामित्र बाहर हो गए थे क्योंकि राज्य सरकार की तरफ से 68500 भर्ती के लिए जो कटऑफ निर्धारित किया गया था 40 परसेंट और 45 परसेंट का वह 69000 शिक्षक भर्ती में लागू नहीं किया गया बल्कि 69000 शिक्षक भर्ती में सरकार ने 60% और 65% का कटऑफ निर्धारित किया जिसकी वजह से हजारों शिक्षामित्र इस भर्ती से वंचित हो गए

अब शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है और उन्होंने बताया है कि 40% और 45% में लगभग 35 हजार से ज्यादा शिक्षामित्र पास है जिनको 69000 शिक्षक भर्ती में शामिल किया जाए क्योंकि इस भर्ती में बीएड अभ्यर्थी भी शामिल हुई थी जो कि अब पूरी तरह से अपात्र सुप्रीम कोर्ट के द्वारा कर दिए गए हैं लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने एनसीटीई के जून 2018 के गजट को पूरी तरह निरस्त कर दिया है जिसके बाद 69000 शिक्षक भर्ती में शामिल बीएड अभ्यर्थी भी पूरी तरह अवैध हो गए हैं ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने एक तल्ख टिप्पणी करते हुए यह कहा था कि 2018 के बाद शामिल समस्त B.Ed डिग्री धारी पूरे देश में पूरी तरह से अवैध यह पात्र हैं यह प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए जरूरी योग्यताएं पूरी नहीं करते हैं प्राथमिक शिक्षक भर्ती की जरूरी योग्यताएं केवल डीएलएड अभ्यर्थियों के पास उपलब्ध है इसलिए प्राथमिक में केवल डीएलएड अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए

बीएड और बीटीसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का ताजा अपडेट ( BED vs BTC Supreme court Latest Update )

बीएड और बीटीसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक और सुनवाई की जिसमें केंद्रीय विद्यालय संगठन में शामिल बीएड डिग्री धारकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी और उन्होंने यह सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला 11 अगस्त 2023 को सुनाया गया लेकिन केंद्रीय विद्यालय संगठन में शामिल बीएड डिग्री धारकों की आवेदन और परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने से पहले से ही चल रहा है इसलिए केंद्रीय विद्यालय संगठन में शामिल बीएड डिग्री धारकों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पूरा मौका दिया जाए जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से तल्ख लहजे में की गई टिप्पणी यह साफ कर दिया गया कि प्राथमिक में केवल डीएलएड भर्ती ही पात्र होंगे क्योंकि बीएड अभ्यर्थियों के पास प्राथमिक में पढ़ाने के लिए जो जरूरी योग्यताएं होनी चाहिए वह नहीं है और सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2023 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने एनसीटीई 2018 की गजट को पूरी तरह निरस्त कर दिया है जिसके बाद अब बीएड डिग्री धारी पूरी तरह से प्राथमिक के लिए अपात्र घोषित हो गए हैं इसलिए इस केस की कोई और सुनवाई नहीं होगी और सुप्रीम कोर्ट ने इस केस को डिस्मिस कर दिया

डीएलएड और b.ed को लेकर क्या है बड़ी खबर

बिहार सरकार की तरफ से आयोजित शिक्षक भर्ती में इस बार देश के हर राज्य के बच्चों को आवेदन करने का मौका प्रदान किया गया था जिसके बाद बिहार में होने वाली शिक्षक बहाली में इस बार 380000 डीएलएड अभ्यर्थी तथा 390000 बीएड अभ्यर्थी इस भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था आवेदन करने के पश्चात लगभग 70% अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया लेकिन कोर्ट के फैसला आने के बाद अब 390000 B.Ed डिग्री धारी बिहार शिक्षक भर्ती के प्राथमिक से पूरी तरह बाहर हो गए हैं जिसके बाद बिहार शिक्षक भर्ती में शामिल बीएड अभ्यर्थी सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि सरकार भी अभ्यर्थियों को शामिल करके इस भर्ती प्रक्रिया को संपन्न करवाएं 

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